राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 26 फरवरी 2026 को जिला प्रशासन वैशाली द्वारा जिलाधिकारी वैशाली श्रीमती वर्षा सिंह के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न स्थलों पर भूकंप सुरक्षा को लेकर व्यापक मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य भूकंप जैसी आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों की त्वरित सक्रियता, समन्वय क्षमता एवं राहत-बचाव कार्यों की प्रभावशीलता का परीक्षण करना था।
मॉक ड्रिल के संचालन हेतु अक्षयवट राय स्टेडियम, हाजीपुर को मुख्य स्टेजिंग एरिया बनाया गया, जहां से सभी बचाव दलों की रवानगी, संसाधनों का प्रबंधन एवं एंबुलेंस सेवाओं का समन्वय किया गया। जिलाधिकारी वैशाली श्रीमती वर्षा सिंह ने आपदा प्रबंधन में संलग्न वाहनों एवं टीमों को हरी झंडी दिखाकर अभ्यास का शुभारंभ किया तथा निर्देश दिया कि सायरन बजते ही सभी विभाग वास्तविक भूकंप की स्थिति मानकर त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
वास्तविक आपदा जैसी परिस्थिति उत्पन्न करने के लिए जिले के पाँच प्रमुख स्थलों—डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय, दिघी; न्यूज़ील फैशन प्राइवेट लिमिटेड, औद्योगिक क्षेत्र हाजीपुर; सदर अस्पताल, हाजीपुर; प्रखंड कार्यालय, महनार; तथा रिलायंस मार्ट, महुआ में सिमुलेशन किया गया। सायरन बजते ही जिला आपात संचालन तंत्र सक्रिय हुआ और सभी स्थलों पर राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ कर दिए गए।
अभ्यास की मुख्य बातों में यह शामिल रहा कि चेतावनी मिलते ही जिला आपात संचालन केंद्र सक्रिय हुआ, विद्युत विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति तत्काल बंद की गई, एसडीआरएफ की टीमों ने आधुनिक उपकरणों की सहायता से मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित निकाला, अग्निशमन विभाग ने आग पर नियंत्रण का प्रदर्शन किया तथा घायलों को प्राथमिक उपचार देकर ‘गोल्डन आवर’ के अंतर्गत शीघ्र अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। आपदा मित्रों एवं स्वयंसेवकों ने प्रथम प्रतिक्रिया दल के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अभ्यास में एसडीआरएफ, बिहार अग्निशमन सेवा, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस प्रशासन, नगर निकाय, आपदा प्रबंधन विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। इस अवसर पर अपर समाहर्ता (एडीएम) वैशाली, उप विकास आयुक्त (डीडीसी) वैशाली, सिविल सर्जन वैशाली, संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी एवं अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अभ्यास के दौरान जिलाधिकारी वैशाली श्रीमती वर्षा सिंह ने कहा कि भूकंप जैसी अनिश्चित आपदाओं में त्वरित एवं संगठित प्रतिक्रिया ही जान-माल की क्षति को न्यूनतम करने का सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सजगता और सहभागिता भी उतनी ही आवश्यक है। जिला प्रशासन वैशाली भविष्य में भी इस प्रकार के समन्वित अभ्यास नियमित रूप से आयोजित कर जिले को हर प्रकार की आपदा से निपटने के लिए पूर्णतः सक्षम बनाता रहेगा।






