बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग अंतर्गत दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय द्वारा संचालित मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर वैशाली जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिस
लाधिकारी वैशाली श्रीमती वर्षा सिंह ने योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं पात्र लाभुकों को अधिकाधिक लाभान्वित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को व्यापक निर्देश दिए।
जिलाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य राज्य के दिव्यांगजनों के बीच उद्यमिता एवं स्वरोजगार को प्रोत्साहित करना है। योजना के अंतर्गत स्वीकृत लाभुकों को प्रति इकाई परियोजना लागत के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक ऋण एवं अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। योजना का क्रियान्वयन उद्योग विभाग, बिहार सरकार के माध्यम से किया जा रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक बिहार राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए तथा न्यूनतम 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता से प्रभावित होना आवश्यक है। यूडीआईडी कार्ड अनिवार्य है। शैक्षणिक योग्यता के रूप में कम-से-कम 10+2/इंटरमीडिएट, आईटीआई, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा या समकक्ष उत्तीर्ण होना आवश्यक है। आवेदक की आयु 18 से 50 वर्ष के बीच निर्धारित है तथा इकाई का निबंधन प्रोपराइटरशिप, पार्टनरशिप, एलएलपी अथवा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में होना चाहिए।
जिलाधिकारी वैशाली श्रीमती वर्षा सिंह ने संबंधित विभागों के जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में विशेष जागरूकता अभियान चलाकर पात्र दिव्यांगजनों की पहचान सुनिश्चित करें तथा उन्हें आवेदन प्रक्रिया में हरसंभव सहयोग प्रदान करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी पात्र लाभुक को योजना के लाभ से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
आवेदन उद्योग विभाग द्वारा संचालित उद्यमी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे।
अंत में डीएम वैशाली श्रीमती वर्षा सिंह ने कहा कि यह योजना दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने सभी अधिकारियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से योजना के क्रियान्वयन का निर्देश देते हुए कहा कि वैशाली जिले में इस योजना का सफल एवं व्यापक क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।




